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रतलाम को बाल श्रमिकों से मुक्त करने के लिए एकजुटता से कार्य करे

रतलाम ,13अप्रैल(इ खबरटुडे) ।बाल श्रम बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक अभिशाप है। हमें प्रत्येक बच्चें को शाला भेजना है। कोई भी बच्चा श्रमिक के रूप में कार्य नहीं करें। रतलाम को बाल श्रमिकों से मुक्त करने के लिए एकजुटता के साथ काम करे। यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने आज संपन्न बैठक में दिए। बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध अधिनियम के तहत आयोजित इस बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित सिंह, बाल कल्याण समिति के सदस्य केएन जोशी, धीरेन्द्र कुलकर्णी, जीवराज पुरोहित, जिला श्रम पदाधिकारी आरके लोधी, महिला सशक्तिकरण अधिकारी आरके मिश्रा, जिला विधिक सेवा अधिकारी सुश्री अंकिता प्लास, प्रेम चौधरी के अलावा, सुश्री ज्योति तोतला एवं सुश्री निशा गणावा उपस्थित थे।
बैठक मे बताया गया कि बालश्रम से मुक्त रतलाम का निर्माण करने के लिए बच्चों की पहचान चिन्हांकन कर उनका वर्गीकरण किया जाएगा। पहले चरण में गुमटियों में काम करने वाले बच्चे, शाला त्यागी, चौराहों पर सामाग्री बेचने वाले तथा भीख मांगने वाले बच्चे चिन्हांकित किए जाएंगे।

इसके लिए शासकीय अशासकीय संस्था द्वारा मिलकर कार्य किया जाएगा। बाल श्रम करते नजर आने वाले बच्चों के परिवारों की जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके अलावा निर्माण स्थलों पर जाकर बाल श्रम के दुष्परिणामों एवं कानूनी कार्यवाही का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। स्कूल-कॉलेजों, रेलवे तथा बस स्टेशन व सार्वजनिक स्थलों पर सूचनाओं का प्रसार होगा। क्रियान्वयन का माध्यम एनजीओ, आंगनवाड़ी, शौर्य दल, वार्ड पार्षद, जन अभियान परिषद, विशेष किशोर पुलिस इकाई तथा पंचायत सचिव होंगे।
बाल श्रम समाप्त करने के लिए संबंधित परिवारों को शासन की योजनाओं से सहायता दिलवाई जाएगी। काउंसलिंग तथा चिन्हांकित परिवारों की निगरानी होगी।

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